संघर्ष से सफलता की महागाथा: सब्जी बेचने से लेकर IPS और फील्ड पर 'सिंघम' बनने तक का सफर
विशेष रिपोर्ट: कहते हैं कि 'मंजिलें उन्हीं को मिलती हैं जिनके सपनों में जान होती है, पंखों से कुछ नहीं होता हौसलों से उड़ान होती है।' इस पंक्ति को अक्षरशः सच कर दिखाया है राजस्थान कैडर के तेजतर्रार आईपीएस अधिकारी और वर्तमान में डीग (Deeg) के पुलिस अधीक्षक (SP) शरण गोपीनाथ कांबले ने। आज उनकी कहानी देश के लाखों युवाओं के लिए एक मिसाल बन चुकी है।
🔹 बचपन का वो कड़ा संघर्ष, जो रोंगटे खड़े कर दे
महाराष्ट्र के एक बेहद छोटे और पिछड़े गांव में जन्मे शरण गोपीनाथ कांबले का बचपन अभावों और घोर गरीबी में बीता। आर्थिक तंगी का आलम यह था कि उन्हें बचपन में अपनी माँ का हाथ बंटाने के लिए सड़क पर सब्जियां तक बेचनी पड़ीं।
- लालटेन की रोशनी में पढ़ाई: गांव में बिजली न होने के कारण उन्होंने कक्षा 11वीं तक सिर्फ केरोसिन के दीये (लालटेन) की मद्धम रोशनी में पढ़ाई की।
- 12 किलोमीटर का पैदल सफर: स्कूल दूर होने के कारण वे रोजाना 12 किलोमीटर पैदल चलकर पढ़ने जाते थे। लेकिन इन दिक्कतों ने उनके हौसले को डिगाया नहीं, बल्कि और मजबूत कर दिया।
🔹 ठुकराया लाखों का पैकेज, 3 बार क्रैक किया UPSC
अपनी मेहनत के दम पर उन्होंने देश के सर्वश्रेष्ठ संस्थान भारतीय विज्ञान संस्थान (IISc), बेंगलुरु में दाखिला लिया और वहाँ से M.Tech की डिग्री हासिल की। पढ़ाई पूरी होते ही उन्हें 20 लाख रुपये का भारी-भरकम सालाना पैकेज मिला, लेकिन उनके दिल में देश सेवा का जज्बा हिलोरे मार रहा था। उन्होंने कॉर्पोरेट की ऐशो-आराम वाली जिंदगी को लात मार दी।
शरण सर ने अपनी काबिलियत का लोहा मनवाते हुए एक बार नहीं, बल्कि 3 बार देश की सबसे कठिन 'UPSC' परीक्षा क्रैक की और अंततः भारतीय पुलिस सेवा (IPS) को चुना।
👮♂️ फील्ड पर 'सिंघम' अवतार: अपराधियों में खौफ, जनता में सम्मान
आईपीएस बनने के बाद जहां भी उनकी पोस्टिंग हुई, उन्होंने अपनी धाकड़ पुलिसिंग से अपराधियों की कमर तोड़ दी।
- अजमेर (बजरी माफिया पर सर्जिकल स्ट्राइक): अजमेर में तैनाती के दौरान उन्होंने खुद भेष बदला और सुबह के 4 बजे बजरी माफियाओं के ठिकानों पर अचानक छापेमारी कर उन्हें रंगे हाथों दबोच लिया।
- सांचौर (अफीम कुप्रथा पर प्रहार): सांचौर (जालौर) में शादियों में अफीम और डोडा-पोस्त परोसने की बरसों पुरानी कुप्रथा को उन्होंने इतनी कड़ाई से बंद करवाया कि पूरा समाज बदल गया। हालात यह बदले कि लोग अपनी शादी के कार्ड्स पर सर का 'नशामुक्ति संदेश' छपवाने लगे। इस अभूतपूर्व कार्य के लिए उन्हें DGP Disc से भी सम्मानित किया गया।
- डीग (साइबर ठगों काल): वर्तमान में डीग के एसपी के रूप में वे 'जामतारा मॉडल' पर काम कर रहे ऑनलाइन ठगों के खिलाफ #OperationAntivirus चला रहे हैं, जिससे देशभर के साइबर अपराधियों में हड़कंप मचा हुआ है।
🫡 त्रिवाणी न्यूज का ग्रैंड सैल्यूट!
अभावों का रोना रोने वाले युवाओं के लिए आईपीएस शरण गोपीनाथ कांबले सर एक बहुत बड़ी प्रेरणा हैं। 'त्रिवाणी न्यूज' सर के इस जज्बे, उनकी ईमानदारी और देश के प्रति इस अटूट समर्पण को ग्रैंड सैल्यूट करता है। हमें गर्व है ऐसे पुलिस अधिकारियों पर जो राजस्थान पुलिस की शान को लगातार बढ़ा रहे हैं।
जय हिंद, जय राजस्थान पुलिस!



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