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400 किलो नकली घी अहमदाबाद

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 अहमदाबाद के निकोल (Nikol) इलाके में खाद्य विभाग ने हाल ही में बड़ी कार्रवाई करते हुए 400 किलो नकली घी बरामद किया है। ​त्रिवाणी न्यूज - आवाज सच की के लिए इस रिपोर्ट के मुख्य बिंदु: ​अहमदाबाद में 'धीमे जहर' का भंडाफोड़: निकोल में 400 किलो नकली घी बरामद ​अहमदाबाद: शहर के निकोल इलाके में एक रिहाइशी बंगले (रॉयल बंगलो सोसाइटी) के अंदर चल रही नकली घी बनाने वाली फैक्ट्री पर अहमदाबाद नगर निगम (AMC) के स्वास्थ्य विभाग ने छापा मारा। ​ ​बरामदगी: टीम ने मौके से करीब 400 किलोग्राम नकली घी जब्त किया है, जिसकी बाजार में कीमत लगभग 1.60 लाख रुपये आंकी गई है। ​बनाने का तरीका: आरोपी पाम ऑयल और वेजिटेबल फैट (वनस्पति घी) को मिलाकर उसे 'शुद्ध गाय का घी' बताकर बेच रहे थे। ​शातिर तरीका: यह घी 'मंगलमूर्ति' ब्रांड नाम से पैक किया जा रहा था। पैकिंग पर जो लाइसेंस नंबर और पता लिखा था, वह फर्जी था या एक्सपायर हो चुका था। ​जब्ती: घी के साथ-साथ भारी मात्रा में खाली जार, नकली लेबल, पैकिंग मशीनरी और गैस सिलेंडर भी बरामद किए गए हैं। ​सोशल मीडिया पोस्ट (त्रिवाणी न्यूज): ​🚨 सावधान! आप घी खा रहे है...

राजस्थान में ड्रग्स फैक्ट्री पर अब तक की सबसे बड़ी स्ट्राइक!

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  त्रिवाणी न्यूज - आवाज सच की ​ बड़ी खबर: राजस्थान में ड्रग्स फैक्ट्री पर अब तक की सबसे बड़ी स्ट्राइक! ​ ऑपरेशन 'विषघ्राण': बालेसर में ANTF का एक्शन, 90 करोड़ की MD ड्रग्स के साथ 6 तस्कर गिरफ्तार ​ जोधपुर/बालेसर: एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (ANTF) ने बालेसर के लूणावपुरा गांव में एक बड़े ड्रग्स नेटवर्क का भंडाफोड़ किया है। रविवार तड़के 3:30 बजे 'ऑपरेशन विषघ्राण' के तहत की गई इस कार्रवाई में पुलिस और तस्करों के बीच 15 राउंड फायरिंग हुई। टीम ने मौके से 176 किलो एमडी (MD) ड्रग्स बरामद की है, जिसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत करीब 90 करोड़ रुपये आंकी गई है। ​ ​ किंगपिन गिरफ्तार: तस्करी का मुख्य सरगना हापूराम बिश्नोई (धोरीमन्ना, बाड़मेर) पकड़ा गया। ​ मुठभेड़: पुलिस को देखकर तस्करों ने फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में दो तस्कर छत से गिरकर घायल हो गए। ​ अधूरे मकान में फैक्ट्री: तस्करों ने गंध छिपाने के लिए सुनसान इलाके में एक अधूरा मकान 2.50 लाख रुपये प्रति माह के किराए पर ले रखा था। ​ इनकी हुई गिरफ्तारी: 1. हापूराम बिश्नोई (30) 2. नरेंद्र बिश्नोई (27...

छतरपुर: बंदर भगाते समय 33 KV लाइन की चपेट में आया होटल कर्मी, मौके पर ही दर्दनाक मौत; प्रबंधन पर लापरवाही के आरोप

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त्रिवाणी न्यूज़: आवाज़ सच की छतरपुर: बंदर भगाते समय 33 KV लाइन की चपेट में आया होटल कर्मी, मौके पर ही दर्दनाक मौत; प्रबंधन पर लापरवाही के आरोप छतरपुर। मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले के बमीठा थाना क्षेत्र से एक दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है। यहाँ एक होटल में काम करने वाले युवक की करंट लगने से असमय मौत हो गई। इस घटना के बाद मृतक के परिवार में कोहराम मच गया है और होटल प्रबंधन की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। कैसे हुआ हादसा? मिली जानकारी के अनुसार, होटल में रूम बॉय के पद पर कार्यरत प्रदीप रैकवार उर्फ रानू रैकवार होटल परिसर में आए एक बंदर को भगाने का प्रयास कर रहे थे। बंदर को डराने के लिए उन्होंने जैसे ही लोहे की पाइप उठाई, वह पाइप ऊपर से गुजर रही 33 केवी (33 KV) की हाईटेंशन बिजली लाइन से टकरा गई। मौके पर ही तोड़ा दम करंट इतना शक्तिशाली था कि प्रदीप को संभलने का मौका तक नहीं मिला और उनकी मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। घटना के बाद आसपास मौजूद लोग स्तब्ध रह गए। होटल प्रबंधन की घोर लापरवाही स्थानीय लोगों और प्रत्यक्षदर्शियों का आरोप है कि होटल परिसर में विद्युत सुरक्षा के ...

आशा भोसले नही रही।

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  ​ आशा भोसले: सुरों की मल्लिका और विविधता की पर्याय ​जब हम भारतीय संगीत के बारे में सोचते हैं, तो सबसे पहले जो कुछ नाम ज़हन में आते हैं, उनमें आशा भोसले का नाम प्रमुख है। 8 सितंबर 1933 को जन्मी आशा जी ने न केवल हज़ारों गाने गाए, बल्कि संगीत की हर शैली में अपनी एक अलग पहचान बनाई। ​ संघर्ष से सफलता तक का सफर ​आशा जी का शुरुआती जीवन आसान नहीं था। दिग्गज संगीतकार पंडित दीनानाथ मंगेशकर की बेटी और लता मंगेशकर की छोटी बहन होने के नाते, संगीत उनके खून में था। लेकिन एक समय ऐसा भी था जब उन्हें केवल वही गाने मिलते थे जिन्हें दूसरी गायिकाएं मना कर देती थीं। अपनी मेहनत और अटूट संकल्प के साथ उन्होंने उन गानों को भी अपनी आवाज़ से अमर बना दिया। ​ बहुमुखी प्रतिभा (Versatility) ​आशा भोसले की सबसे बड़ी ताकत उनकी Versatility है। उन्होंने हर तरह के गानों को बखूबी निभाया है: ​ कैबरे और पेप्पी नंबर्स: 'पिया तू अब तो आजा' और 'दम मारो दम' जैसे गानों ने उन्हें युवाओं की धड़कन बना दिया। ​ गज़लें: 'उमराव जान' की गज़लें जैसे 'इन आँखों की मस्ती के' ने साबित कर दिया कि उनकी आवाज़...

त्रिवाणी न्यूज - आवाज सच की

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  त्रिवाणी न्यूज - आवाज सच की ​आज के डिजिटल युग में जहाँ सूचनाओं की बाढ़ है, वहीं 'सच' कहीं न कहीं खो जाता है। इसी सच को बेबाकी से सामने लाने और समाज के हर वर्ग की आवाज बनने के संकल्प के साथ जन्म हुआ है 'त्रिवाणी न्यूज' का। हमारा मूल मंत्र है— "आवाज सच की" । हम केवल खबरें नहीं दिखाते, बल्कि हम उन पहलुओं को उजागर करते हैं जो समाज की दिशा और दशा बदलने की ताकत रखते हैं। ​ हमारा दृष्टिकोण (Our Vision) ​'त्रिवाणी न्यूज' का मुख्य उद्देश्य पत्रकारिता की शुद्धता और नैतिकता को बनाए रखना है। हम मानते हैं कि पत्रकारिता लोकतंत्र का चौथा स्तंभ है और इसकी मजबूती तभी संभव है जब खबरें निष्पक्ष, सटीक और जनहित में हों। हम जयपुर, राजस्थान से लेकर देश-दुनिया की हर छोटी-बड़ी हलचल पर पैनी नजर रखते हैं, ताकि हमारे पाठकों और दर्शकों तक केवल प्रमाणित जानकारी ही पहुँचे। ​ हम क्या कवर करते हैं? ​त्रिवाणी न्यूज एक संपूर्ण न्यूज पोर्टल है जहाँ आपको हर क्षेत्र की खबरें विस्तार से मिलती हैं: ​ राजनीति (Politics): सत्ता के गलियारों से लेकर विपक्ष की रणनीतियों तक, हर राजनीतिक...