RGHS के नाम पर अस्पतालों की 'खुली लूट'!

 

RGHS के नाम पर अस्पतालों की 'खुली लूट'! कैशलेस योजना में भी मरीजों से अवैध वसूली, त्रिवाणी न्यूज़ की विशेष रिपोर्ट 🚨
जयपुर/जोधपुर। राजस्थान सरकार की RGHS योजना के तहत भले ही इलाज पूरी तरह कैशलेस घोषित हो, लेकिन धरातल पर निजी अस्पतालों का खेल कुछ और ही बयां कर रहा है। गांवों से आने वाले सीधे-साधे और भोले-भाले मरीज आज भी अस्पताल प्रबंधन के झांसे में आकर अपनी गाढ़ी कमाई लुटा रहे हैं।
​📌 क्या है अस्पतालों का पूरा खेल?
सरकार ने हर बीमारी और ऑपरेशन का पैकेज रेट फिक्स कर रखा है। नियमों के मुताबिक, सिर्फ डायपर और कॉस्मेटिक्स जैसी अदेय (Non-Payable) चीजें ही मरीज के जिम्मे होती हैं। लेकिन अस्पताल इसी का फायदा उठाकर डिस्पोजल, ग्लव्स और अन्य मेडिकल सामानों के नाम पर मरीजों से मोटी रकम कैश मांगते हैं। सबसे गंभीर बात यह है कि इस वसूली का मरीजों को कोई बिल या रसीद भी नहीं दी जाती!
राजस्थान सरकार की महत्वाकांक्षी योजना RGHS यानी 'राजस्थान गवर्नमेंट हेल्थ स्कीम' का दावा है – हर इलाज पूरी तरह कैशलेस! सरकार ने हर बीमारी का पैकेज फिक्स कर दिया है, ताकि मरीजों को एक रुपया भी जेब से न देना पड़े। लेकिन हकीकत? हकीकत दावों से कोसों दूर है और आज त्रिवाणी न्यूज़ आपको अस्पतालों के उस काले खेल से सावधान करने आया है, जहां 'कैशलेस' के नाम पर 'सरेआम लूट' मची है!
यह कहानी किसी एक अस्पताल की नहीं है। पूरे प्रदेश में ग्रामीण इलाकों से आने वाले सीधे-साधे और अनपढ़ मरीज इन कॉर्पोरेट और निजी अस्पतालों की टीम के हत्थे चढ़ जाते हैं। नियम कहते हैं कि केवल डायपर, कॉस्मेटिक्स या कुछ नॉन-पेयबल आइटम्स के पैसे मरीज से लिए जा सकते हैं। लेकिन इन चीजों की आड़ में मरीजों से ग्लव्स, सीरिंज, डिस्पोजल और न जाने किन-किन मेडिकल कंस्यूमेबल्स के नाम पर हजारों रुपये कैश वसूल लिए जाते हैं!



​और सबसे चौंकाने वाली बात? इस वसूली का अस्पताल कोई पक्का बिल तक नहीं देता! बिना बिल के यह अवैध उगाही सीधे मरीजों की जेब पर डाका है।
जब सरकार ने हर बीमारी का पैकेज तय कर रखा है, तो फिर यह अतिरिक्त रकम क्यों? त्रिवाणी न्यूज़ समय रहते आपको चेता रहा है। अगर आप या आपके परिचित किसी भी अस्पताल में भर्ती हैं, तो मूर्ख न बनें! अस्पताल के झांसे में आकर बिना रसीद या बिना वजह एक भी रुपया कैश न दें। अगर कोई अस्पताल ऐसी जबरन वसूली करता है, तो तुरंत 181 पर सरकार को शिकायत दर्ज कराएं।
​जागृत बनिए, क्योंकि आपकी जागरूकता ही इस लूट को रोकेगी। देखते रहिए त्रिवाणी न्यूज़, आवाज़ सच की।

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