अंतरराज्यीय देह व्यापार
त्रिवाणी न्यूज़ — आवाज सच की
अंतरराज्यीय मानव तस्करी गिरोह का भंडाफोड़: रोजगार के बहाने मुंबई के देह व्यापार में धकेली जा रही थीं बेटियां
झालावाड़ पुलिस की बड़ी कार्रवाई: 10 लड़कियां मुक्त, जिनमें 7 नाबालिग; एक की उम्र महज छह वर्ष
महिला सरगना, उसके पति व दो बेटों सहित 5 दलाल गिरफ्तार; 10 जून तक पुलिस रिमांड पर
32 से 35 लाख रुपए में होता था सौदा; स्टाम्प पेपर पर गिरवी रखी जाती थीं बच्चियां, अमानवीय शर्तें आईं सामने
विशेष ब्यूरो, झालावाड़। बेहतर भविष्य और ऊंची पगार का झांसा देकर गरीब व मजबूर परिवारों की नाबालिग लड़कियों को मुंबई ले जाकर देह व्यापार के दलदल में धकेलने वाले एक बड़े अंतरराज्यीय मानव तस्करी गिरोह का झालावाड़ पुलिस ने पर्दाफाश किया है। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए गिरोह के चंगुल से 10 लड़कियों को सुरक्षित मुक्त करा लिया है, जिनमें सात लड़कियां नाबालिग हैं। मुक्त कराई गई बच्चियों में एक की उम्र महज छह वर्ष है, जबकि दो अन्य की उम्र का पुलिस सत्यापन करवा रही है। ये पीड़ित लड़कियां टोंक, झालावाड़, बूंदी और अन्य विभिन्न जिलों की रहने वाली हैं।
पुलिस ने इस घिनौने रैकेट को चलाने वाली बूंदी निवासी महिला सरगना, उसके पति और दो बेटों सहित कुल पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। अदालत ने सभी आरोपियों को 10 जून तक पुलिस रिमांड पर सौंप दिया है। पुलिस के अनुसार, इस गिरोह का जाल राजस्थान के झालावाड़, बूंदी, टोंक से लेकर मध्य प्रदेश के ग्वालियर और महाराष्ट्र के मुंबई तक फैला हुआ था।
ऐसे जाल बिछाता था तीन स्तरीय नेटवर्क
पुलिस अधीक्षक अमित कुमार ने बताया कि मानव तस्करी की पुख्ता सूचना मिलने पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (महिला अनुसंधान सेल) श्योराजमल मीणा के नेतृत्व में एक विशेष टीम का गठन किया गया था। टीम के एएसआई मदनलाल और हेड कांस्टेबल बाबूलाल ने संदिग्ध डेरों में जाकर जमीनी छानबीन की। जांच में सामने आया कि यह गिरोह तीन स्तरों (3-Layers) पर काम करता था:
स्थानीय दलाल: ग्रामीण और कस्बाई इलाकों में घूमकर आर्थिक रूप से बेहद कमजोर और भारी कर्ज से दबे परिवारों की शिनाख्त करते थे।
बिचौलिए: ये लोग उन गरीब परिवारों से संपर्क साधकर उनकी बेटियों को अच्छी नौकरी और ऐशो-आराम की जिंदगी का लालच देकर अपने साथ ले आते थे।
महानगरों के सौदागर: लड़कियों को लाने के बाद मुंबई और अन्य बड़े शहरों में सक्रिय मुख्य दलालों और डांस बार संचालकों के हवाले कर दिया जाता था। पुलिस जांच में यह बात सामने आई है कि प्रति लड़की 32 से 35 लाख रुपए तक में सौदे किए जाते थे।
सरकारी दस्तावेजों से छेड़छाड़, बदली पहचान
गिरोह की शातिरता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि कानून से बचने के लिए वे नाबालिग लड़कियों के आधार कार्ड और अन्य सरकारी दस्तावेजों में हेरफेर कर उन्हें बालिग (वयस्क) दर्शाते थे। पुलिस अधीक्षक ने बताया कि गत 2 जून को मुंबई में देह व्यापार के चंगुल से छुड़ाई गई झालावाड़ और टोंक की दो-दो लड़कियों को जब मुंबई पुलिस पुनर्वास के लिए झालावाड़ लेकर आई, तब इस पूरे रैकेट की कड़ियां जुड़ीं। गिरोह ने लड़कियों के नाम, पते और उनकी मूल पहचान पूरी तरह बदल दी थी, ताकि उन्हें कभी ढूंढा न जा सके।
500 रुपये के स्टाम्प पर 'गिरवी' और अमानवीय शर्तें
पुलिस को तलाशी के दौरान आरोपियों के कब्जे से 500 रुपए के गैर-न्यायिक स्टाम्प पेपर पर लिखे कई हैरान करने वाले इकरारनामे (Agreements) मिले हैं। इन इकरारनामों के जरिए गरीब परिवारों को लाखों रुपए का कर्ज दिया जाता था और बदले में उनकी बेटियों को 1 से 8 साल तक के लिए गिरवी रख लिया जाता था। कागजों में इसे केवल मुंबई में नौकरी करना दर्शाया जाता था।
इन इकरारनामों में रूह कँपा देने वाली अमानवीय शर्तें शामिल थीं। पुलिस के मुताबिक, अनुबंध में साफ लिखा था कि कर्ज केवल उसी सूरत में माफ होगा जब लड़की आत्महत्या (मौत) कर लेगी। लड़की की मृत्यु होने पर संचालक द्वारा परिवार को कोई मुआवजा नहीं दिया जाना था। इसके अलावा, यदि लड़की किसी तरह उनके चंगुल से भागकर वापस अपने घर आती, तो परिजनों को दी गई रकम का कई गुना पैसा और सारा खर्च ब्याज समेत वापस लौटाना पड़ता था।
हार्मोनल इंजेक्शन देने की आशंका, मेडिकल जांच शुरू
लड़कियों को मुंबई के हाई-प्रोफाइल माहौल के अनुसार ढालने के लिए उनके रहन-सहन और पहनावे को पूरी तरह आधुनिक बनाया जाता था। उन्हें बातचीत करने का खास सलीका सिखाया जाता था और उनके शरीर पर टैटू भी गुदवाए गए थे। पुलिस ने अंदेशा जताया है कि मुक्त कराई गई कुछ नाबालिग लड़कियों की शारीरिक बनावट उनकी वास्तविक उम्र से काफी ज्यादा दिखाई दे रही है, जिससे प्रतीत होता है कि उन्हें कम उम्र में बड़ा दिखाने के लिए हार्मोनल इंजेक्शन या अन्य दवाइयां दी जाती थीं। पुलिस इस बिंदु पर गंभीरता से चिकित्सकीय (Medical) जांच करवा रही है।
गिरफ्तार आरोपियों के नाम: रामकन्या (महिला सरगना), भीमशंकर, रमेश, सन्नी और अंकुश।
झालावाड़ पुलिस की अपील: त्रिवाणी न्यूज़ के माध्यम से पुलिस ने आमजन से अपील की है कि किसी भी अनजान व्यक्ति के अत्यधिक वित्तीय लालच या रोजगार के झांसे में न आएं और संदिग्ध गतिविधि दिखने पर तुरंत नजदीकी पुलिस थाने को सूचित करें। त्रिवाणी न्यूज़ आवाज सच की-9251119115


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